वृषभ राशि में पूर्णिमा, 26 अक्टूबर 2026: हंटर्स मून का अर्थ, समय और हर राशि पर असर

26 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा 2°45′ वृषभ पर पूर्ण होता है, वृश्चिक में स्थित सूर्य के ठीक सामने। यह हंटर्स मून है, और उस चंद्र चक्र का चरम जो 10 अक्टूबर को तुला राशि की अमावस्या से शुरू हुआ था। वृषभ पैसे, आराम, शरीर और उन सब चीज़ों की राशि है जिन्हें आप हाथों में थाम सकते हैं; वृश्चिक उन चीज़ों की राशि है जो आप साझा करते हैं, जिनका आप पर क़र्ज़ है और जिन्हें खोने से आप डरते हैं। प्लूटो सूर्य और चंद्रमा दोनों से लगभग सटीक वर्ग बना रहा है, इसलिए यह पूर्णिमा इस बारे में है कि आप किस चीज़ को पकड़े हुए हैं — और कौन-सी चीज़ आपको पकड़े हुए है।

यहाँ सटीक समय, इसे हंटर्स मून क्यों कहते हैं, इस पूर्णिमा का अर्थ, क्या छोड़ें और बारह राशियों में से हर एक पर इसका असर दिया गया है।

नोट: ReYep पश्चिमी (सायन) ज्योतिष का पालन करता है, इसलिए यहाँ राशियाँ सूर्य राशि के अनुसार हैं, वैदिक चंद्र राशि के अनुसार नहीं। वैदिक (निरयन) गणना में इस पूर्णिमा पर चंद्रमा मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र में है।

वृषभ पूर्णिमा 2026: तिथि और सटीक समय

पूर्णिमा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह 9:42 बजे (04:12 UTC) 2°45′ वृषभ पर सटीक होती है। अन्य समय क्षेत्रों में:

  • दुबई — सुबह 8:12
  • लंदन — सुबह 4:12
  • न्यूयॉर्क — 26 अक्टूबर, रात 12:12

चंद्रमा 25 और 26 अक्टूबर दोनों रातों को पूरा दिखता है, और ज्योतिषी पूर्णिमा का असर सटीक क्षण से लगभग तीन दिन पहले और बाद तक मानते हैं। यह सामान्य पूर्णिमा है: न ग्रहण, न सुपरमून।

शरद पूर्णिमा: भारत में यही पूर्णिमा शरद पूर्णिमा (आश्विन पूर्णिमा) के रूप में मनाई जाती है। पूर्णिमा तिथि 25 अक्टूबर को दिन में लगभग 11:56 बजे शुरू होकर 26 अक्टूबर को सुबह 9:42 बजे समाप्त होती है, इसलिए ज़्यादातर पंचांग शरद पूर्णिमा का व्रत और चाँदनी में खीर रखने की परंपरा 25 अक्टूबर की रात को बताते हैं। सटीक मुहूर्त के लिए अपना स्थानीय पंचांग देखें।

इसे हंटर्स मून क्यों कहते हैं

शाम के धुंधलके में कटे हुए खेतों और भूसे के गट्ठरों के ऊपर उगता बड़ा, अंबर रंग का हंटर्स मून

उत्तरी गोलार्ध में हंटर्स मून (शिकारी का चाँद) हार्वेस्ट मून के बाद की पहली पूर्णिमा है; हार्वेस्ट मून सितंबर के विषुव के सबसे पास की पूर्णिमा होती है। साल के इस समय चंद्रमा हर शाम पिछले दिन से बस थोड़ी देर से उगता है, इसलिए कई रातों तक सूर्यास्त के ठीक बाद तेज़ चाँदनी मिलती है। परंपरागत रूप से इसी अतिरिक्त रोशनी में शिकारी सर्दियों से पहले भंडार जुटाते थे।

यह नाम वृषभ की पूर्णिमा पर ख़ूब जँचता है। वृषभ भंडार, बचत और सुरक्षा की राशि है; हंटर्स मून कठिन महीनों की तैयारी के बारे में है। दोनों एक ही व्यावहारिक सवाल पूछते हैं: क्या आपके पास वह है जिसकी आपको ज़रूरत है, और क्या आपको उन सब चीज़ों की ज़रूरत है जो आपके पास हैं?

वृषभ राशि में पूर्णिमा का अर्थ

चमकते पूर्ण चंद्रमा के दोनों ओर आमने-सामने सुनहरा वृषभ बैल और वृश्चिक बिच्छू

पूर्णिमा चंद्र मास का चरम है। सूर्य और चंद्रमा आमने-सामने होते हैं, चंद्रमा पूरा प्रकाशित होता है, और अमावस्या पर बोया गया बीज दिखाई देने लगता है: नतीजे सामने आते हैं, भावनाएँ तेज़ होती हैं और छिपी बातें उजागर होती हैं। यह शून्य से शुरू करने का नहीं, बल्कि पूरा करने, फ़सल काटने और छोड़ने का समय है।

वृषभ–वृश्चिक धुरी अधिकार की धुरी है। वृषभ कहता है मेरा: मेरा पैसा, मेरा शरीर, मेरा समय, मेरे मूल्य। वृश्चिक कहता है हमारा: साझा पैसा, क़र्ज़, अंतरंगता, भरोसा और शक्ति। यह पूर्णिमा दिखाती है कि दोनों में संतुलन कहाँ बिगड़ा है: जहाँ आप ख़ुद को ज़रूरत से ज़्यादा दे देते हैं, या जहाँ आप लोगों, चीज़ों या आदतों से सिर्फ़ इसलिए चिपके हैं क्योंकि उन्हें छोड़ना असुरक्षित लगता है। इस राशि के बारे में और जानने के लिए हमारा वृषभ राशि पेज देखें।

प्लूटो का वर्ग: शक्ति और छोड़ने की पूर्णिमा

प्लूटो 16 अक्टूबर को 3° कुंभ पर मार्गी हुआ और तब से मुश्किल से आगे बढ़ा है। 26 अक्टूबर को यह सूर्य और चंद्रमा दोनों से आधे अंश से भी कम के अंतर पर वर्ग (90°) बनाता है, जिससे वृषभ, वृश्चिक और कुंभ के बीच एक कसा हुआ स्थिर टी-स्क्वेयर बनता है। स्थिर राशियाँ बदलाव का विरोध करती हैं; प्लूटो बदलाव को मजबूर करता है। यही इस पूर्णिमा का तनाव है।

व्यवहार में पैसे, संपत्ति, क़र्ज़, विरासत और नियंत्रण को लेकर शक्ति-संघर्ष दिख सकते हैं, और “सब या कुछ नहीं” वाला ऐसा मूड भी, जिसमें छोटी बातें भी अंतिम लगती हैं। यही ऊर्जा किसी चीज़ को हमेशा के लिए ख़त्म करने की ताक़त भी देती है: कोई क़र्ज़, थका देने वाली आदत, कोई सौदा या ऐसा रिश्ता जो सिर्फ़ डर के सहारे टिका है। अल्टीमेटम और जल्दबाज़ी में पैसे के फ़ैसलों से बचें, और देखें कि कहाँ नियंत्रण सुरक्षा का रूप धरे बैठा है।

वक्री शुक्र और बुध: स्वामी ग्रह छिपा है

वृषभ का स्वामी शुक्र 3 अक्टूबर से वक्री है। 24 अक्टूबर को वह सूर्य से मिला, जिससे शुक्र का एक नया चक्र शुरू हुआ, और 25 अक्टूबर को वह वापस तुला में चला गया, जहाँ वह 14 नवंबर तक वक्री रहेगा। यानी वृषभ की पूर्णिमा की रात चंद्रमा का अपना स्वामी सूर्य की चमक में छिपा है। आप किस चीज़ को महत्व देते हैं और किसी चीज़ की क़ीमत क्या है, यह भावना चुपचाप नए सिरे से तय हो रही है: जो दिखे उसे लिख लें, लेकिन उसके आधार पर कुछ ख़रीदने, बेचने या वादा करने से पहले कुछ हफ़्ते रुकें। पूरी जानकारी के लिए हमारी अक्टूबर 2026 में वक्री शुक्र गाइड पढ़ें।

बुध भी 24 अक्टूबर से वृश्चिक में वक्री है और 13 नवंबर को मार्गी होगा। अनुबंध दो बार पढ़ें, भुगतानों का रिकॉर्ड रखें और हस्ताक्षर से पहले हर अंक जाँच लें।

26 अक्टूबर का आकाश एक नज़र में:

  • सूर्य और चंद्रमा का प्लूटो से वर्ग — 0.3° के भीतर सटीक। इस पूर्णिमा की सबसे बड़ी बात: तीव्रता, नियंत्रण और रूपांतरण।
  • 29° तुला पर वक्री शुक्र — सूर्य से मिलने के दो दिन बाद। मूल्य, प्रेम और पैसा समीक्षा में हैं।
  • वृश्चिक में वक्री बुध का सिंह के बृहस्पति से वर्ग — बड़े वादे और बड़े आँकड़े। किसी बात पर भरोसा करने या उसे आगे बढ़ाने से पहले तथ्य जाँचें।
  • सिंह में मंगल और बृहस्पति — साहस, गर्व और उदारता। इनका इस्तेमाल जीतने के लिए नहीं, न्यायपूर्ण होने के लिए करें।

वृषभ पूर्णिमा पर क्या छोड़ें

  • ख़र्च की ऐसी आदत जो पल भर का सुकून देती है, पर समय के साथ ज़्यादा महँगी पड़ती है।
  • कोई चीज़ जिसे आप सिर्फ़ खोने के डर से रखे हुए हैं: कोई वस्तु, अनुबंध, भूमिका या मन की कड़वाहट।
  • यह धारणा कि आपकी क़ीमत इस पर निर्भर है कि आप कितना कमाते हैं या आपके पास क्या है।
  • कोई पुराना क़र्ज़, भावनात्मक या आर्थिक: उसे चुकाएँ, उस पर दोबारा बात करें या माफ़ कर दें।
  • कोई शक्ति-संघर्ष जिसे आप लगातार हवा दे रहे हैं। ख़ुद से पूछें कि उससे बस बाहर निकल जाने की क़ीमत क्या होगी।
  • अव्यवस्था: एक दराज़, एक अलमारी, पुरानी फ़ाइलों का एक फ़ोल्डर।

पूर्णिमा की ऊर्जा पूरा करने और साफ़ करने के लिए सबसे अच्छी है। पूर्णिमा की रात या अगले तीन दिनों में उन चीज़ों की छोटी सूची लिखें जिन्हें आप छोड़ने को तैयार हैं, फिर हर बिंदु के लिए एक छोटा, ठोस क़दम उठाएँ। वृषभ में आप हाथों से जो करते हैं, वह वादों से ज़्यादा मायने रखता है।

वृषभ पूर्णिमा 2026: हर राशि पर असर

अपनी सूर्य राशि पढ़ें और, अगर पता हो, तो अपनी लग्न राशि भी।

मेष

पूर्णिमा आपके धन भाव को रोशन करती है। वेतन, भुगतान या दाम से जुड़ा कोई मामला निर्णायक मोड़ पर आता है, इसलिए अपने काम का उचित मूल्य माँगने का यह अच्छा समय है। मित्रता भाव में प्लूटो है, इसलिए किसी समूह को यह तय न करने दें कि आप कैसे ख़र्च करें या किसे महत्व दें।

वृषभ

पूर्णिमा आपकी अपनी राशि में है: एक निजी मोड़। आप साफ़ देख पाते हैं कि आप अपने लिए क्या चाहते हैं और कहाँ दूसरों को ख़ुद से आगे रखते आए हैं। प्लूटो आपके करियर भाव से वर्ग बना रहा है, इसलिए कोई अधिकारी आपकी सीमाएँ परख सकता है; शांति से अपनी बात पर टिके रहें। आपका स्वामी शुक्र स्वास्थ्य भाव में वक्री है, इसलिए अपनी रफ़्तार संभालें।

मिथुन

पूर्णिमा आपके छिपे हुए बारहवें भाव में है। आपको सामान्य से ज़्यादा आराम चाहिए, और कोई पुरानी चिंता या राज़ सतह पर आ सकता है ताकि आप उसे आख़िरकार छोड़ सकें। आपका स्वामी बुध कार्य भाव में वक्री है: काम और ईमेल भेजने से पहले दो बार जाँचें।

कर्क

दोस्त, समूह और भविष्य की उम्मीदें चरम पर पहुँचती हैं। कोई इच्छा पूरी हो सकती है, या आपको एहसास हो सकता है कि जिस दायरे का आप हिस्सा हैं, वह अब आपके अनुकूल नहीं। साझा धन के भाव में प्लूटो है, इसलिए दोस्तों के साथ पैसे का हिसाब साफ़ और लिखित रखें।

सिंह

पूर्णिमा आपके करियर भाव को रोशन करती है: काम से जुड़ी ख़बर, कोई नतीजा या पहचान मिल सकती है, जबकि घर और परिवार भी ध्यान माँगते हैं। प्लूटो आपकी राशि के सामने है, इसलिए कोई साथी या प्रतिद्वंद्वी नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश कर सकता है। आपकी राशि में मंगल और बृहस्पति साहस देते हैं; बस अहंकार को बीच में न आने दें।

कन्या

यात्रा, पढ़ाई, क़ानूनी मामले और आस्थाएँ निर्णायक मोड़ पर आती हैं। कोई कोर्स, आवेदन या सरकारी काम नतीजे तक पहुँच सकता है। काम और सेहत के भाव में प्लूटो आपको ऐसी दिनचर्या बदलने के लिए धकेलता रहता है जो अब आपके काम की नहीं।

तुला

साझा पैसा, क़र्ज़, टैक्स और अंतरंगता केंद्र में हैं। कोई क़र्ज़ चुकाने या यह तय करने का अच्छा समय है कि कौन किस चीज़ का भुगतान करेगा। आपका स्वामी शुक्र वक्री होकर वापस आपकी राशि में है: आप अपनी छवि, अपने मूल्यों और प्रेम में आप क्या स्वीकार करेंगे, इस पर दोबारा सोच रहे हैं।

वृश्चिक

पूर्णिमा आपकी राशि के सामने, आपके साझेदारी भाव में है, ठीक आपके जन्मदिन के मौसम के बीच। कोई अहम रिश्ता उभरकर सामने आता है: आप क्या देते हैं, क्या पाते हैं और शक्ति किसके हाथ में है। प्लूटो आपके घर के भाव से वर्ग बना रहा है और बुध आपकी राशि में वक्री है: कम बोलें, और जो बोलें उसके पीछे खड़े रहें।

धनु

काम, सेहत और दिनचर्या एक मोड़ पर हैं। कोई प्रोजेक्ट पूरा करें और अपने शरीर की सुनें, जो व्यस्त महीने के बाद आराम माँग सकता है। संवाद भाव में प्लूटो आपके शब्दों को वज़न देता है; उन्हें सावधानी से इस्तेमाल करें।

मकर

रोमांस, रचनात्मकता, संतान और ख़ुशी चरम पर हैं। कोई प्रेम कहानी या रचनात्मक प्रोजेक्ट अहम मोड़ पर पहुँचता है। धन भाव में प्लूटो चेतावनी देता है कि प्यार को पैसे से ख़रीदने या पैसे से दूसरों को नियंत्रित करने की कोशिश न करें।

कुंभ

घर, परिवार और जड़ें केंद्र में हैं, जबकि करियर भी ध्यान माँगता है। आपकी राशि में बैठा प्लूटो सूर्य और चंद्रमा दोनों से वर्ग बना रहा है, इसलिए आप यह पूर्णिमा तेज़ी से महसूस करते हैं: आप कैसे जीते हैं और आप कौन हैं, उसमें कुछ बदलने को तैयार है। उस बदलाव पर प्रतिक्रिया देने के बजाय उसे ख़ुद चुनें।

मीन

आपके आसपास से अहम ख़बरें या बातचीत आती हैं: भाई-बहन, पड़ोसी, छोटी यात्राएँ, काग़ज़ी काम। वक्री बुध संदेशों और ब्योरों को दो बार जाँचने को कहता है। बारहवें भाव में प्लूटो आपको कोई पुराना डर आख़िरकार छोड़ने में मदद करता है।

अपनी राशि के लिए तिथि-सहित भविष्यवाणियाँ चाहिए? इस महीने का अपनी राशि का राशिफल पढ़ें — हर भविष्यवाणी की एक तिथि है जिसे आप जाँच सकते हैं और तिथि बीतने पर रेट कर सकते हैं। चंद्रमा के आगे बढ़ने के साथ हर दिन के लिए हमारा दैनिक राशिफल और बाक़ी महीने के लिए हमारा अक्टूबर 2026 ज्योतिष पूर्वानुमान देखें।

वृषभ पूर्णिमा 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में वृषभ राशि में पूर्णिमा कब है?

वृषभ राशि में पूर्णिमा 26 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह 9:42 बजे (04:12 UTC) 2°45′ वृषभ पर है। 2026 में वृषभ की यह इकलौती पूर्णिमा है।

क्या अक्टूबर 2026 की पूर्णिमा सुपरमून है?

ज़्यादातर परिभाषाओं के अनुसार नहीं। पूर्णिमा के सटीक क्षण में चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3,68,900 किमी दूर है। वह दो दिन बाद, 28 अक्टूबर को, इस महीने के अपने सबसे नज़दीकी बिंदु (पेरिजी) पर पहुँचता है, इसलिए औसत से थोड़ा बड़ा दिख सकता है। 2026 के सुपरमून 24 नवंबर और 24 दिसंबर की पूर्णिमाएँ हैं।

क्या 26 अक्टूबर 2026 की पूर्णिमा ग्रहण है?

नहीं, यह सामान्य पूर्णिमा है। अगला चंद्र ग्रहण 21 फ़रवरी 2027 (भारतीय समय) को कन्या में उपच्छाया (पेनुम्ब्रल) ग्रहण है।

वृषभ पूर्णिमा पर क्या करना चाहिए?

अपने पैसे, संपत्ति और आदतों का जायज़ा लें, और जो चीज़ें आप सिर्फ़ डर से थामे हुए हैं उन्हें छोड़ें। प्लूटो के वर्ग और वक्री बुध व शुक्र के कारण अल्टीमेटम और जल्दबाज़ी में लिए गए बड़े आर्थिक फ़ैसलों से बचें।

वृषभ पूर्णिमा का सबसे ज़्यादा असर किन राशियों पर होता है?

सबसे ज़्यादा वृषभ पर, उसके बाद बाक़ी स्थिर राशियों — वृश्चिक, सिंह और कुंभ — पर, और उन सभी पर जिनके ग्रह या लग्न इन राशियों के शुरुआती अंशों (लगभग 0°–8°) में हैं।

अगली अमावस्या कब है?

अगली अमावस्या 9 नवंबर 2026 को भारतीय समयानुसार दोपहर 12:32 बजे (07:02 UTC) 16°53′ वृश्चिक पर है, जो भरोसे, अंतरंगता और रूपांतरण का नया चक्र शुरू करती है।